Saturday, 9 January 2016

हर दिन डायरी कैसे लिखू- [मन की बात में पीएम मोदी ने दिया बेहतरीन आयडिया] पर्सनल डायरी लिखने के 10 फायदे, जो बदल देंगे आपकी जिंदगी


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर से मन की बात लोगों से कही है। उन्होंने देश के हर व्यक्त‍ि से डायरी लिखने को कहा। उन्होंने कहा कि आपके मन में जो कुछ भी आये, उसे डायरी में लिखें। मोदी की सलाह है कि व्यक्त‍ि को हर रोज दिन पूरा होने पर लिखना चाहिये कि आज उसने क्या-क्या किया? क्या खोया, क्या पाया? आपने अगर कुछ नया किया है, तो उसे डायरी में लिखें। 

प्रधानमंत्री के इस बेहतरीन आईडिया की कड़ी में हम आपको बताने जा रहे हैं डायरी लिखने के 10 फायदे। ये वो फायदे हैं, जो आपकी जिंदगी बदल सकते हैं। क्योंकि आपकी पर्सनल डायरी आपका आइना बनकर उभरती है। आपने कहां गलती की, कहां समझदारी, कब किसी का दिल दु:खाया, कब किसी को खुश किया, कहां फेल हुए कहां पास और जीवन में आज क्या नया किया, यह सब आप पर्सनल डायरी में लिखते हैं। आईये जानते हैं डायरी लिखने के फायदे, स्क्रॉल पर क्लिक कीजिये और पढ़ते जाइये।
डायरी लिखने से इंसान का स्वयं का विकास होता है। 
इसलिए आप कहीं भी जाइये.. अपने अनुभव आकर जरूर डायरी में लिखिये। फिर जब कुछ दिनों बाद आप उन पन्नों पर पलटेंगे तोआप को ही अच्छा लगेगा और आपके दिमाग में नये विचार आयेंगे। डायरी लिखना एक खूबसूरत आदत है,
जीवन को रिकॉर्ड करती है डायरी 
डायरी लिखने का सबसे बड़ा फायदा है कि इंसान के पास हर चीज का रिकार्ड मेंटेन रहता है, अपने और अपनों से जुड़ी बातें अगर आप रोज डायरी में लिखेंगे तो आप कभी भी चीजों को भूल नहीं पायेंगे।

अच्छी नींद आती है 
दिन भर भाग-दौड़ करने के बाद जब आप रात में डायरी लिखने बैठते हैं तो लिखते-लिखते ही आप को प्यारी सी नींद आ जाती है और आपको किसी भी दवा की जरूरत नहीं। यानी दूसरे दिन आप तरो-ताज़ा महसूस करते हैं।
दूर होता है अकेलापन और अवसाद 
आजकल भागम भाग भरी लाइफ में इंसान के पास अपनों के लिए वक्त ही नहीं होता है, ऐसे में डायरी की वजह से इंसान को अकेलापन महसूस नहीं होता, उसकी खुद से दोस्ती हो जाती है और वो कभी अवसाद ग्रसित नहीं होता।
सेल्फ असेसमेंट यानी खुद का आंकलन 
डायरी के कारण आप स्वयं का आंकलन कर सकते हैं, आप अपनी क्षमता का ब्यौरा देखकर खुद को सुधारने का मौका दे सकते हैं। और आगे बढ़ने के लिये तय कर सकते हैं कि आगे आपको क्या करना है।
मजबूत होती है याददाश्त 
 अगर आप डायरी लिखते हैं तो आपकी याददाश्त हमेशा मजबूत रहेगी, ना तो आप अपने किसी क्लोज का बर्थेडे भूलेंगे और ना ही एनिवर्सरी।
सुख-दुख की साथी है डायरी 
डायरी में लिखीं आपकी भावनाएं आपको सुख-दुख का एहसास कराती हैं और इसी कारण आप मानसिक रूप से मजबूत होते हैं।
रेगुलेरिटी की आदत, आलस्य नहीं 
डायरी लिखने से इंसान के अंदर एक नियम बद्ध काम करने की आदत पड़ती है जो कि सफलता का मूल मंत्र है।
लेखन में सुधार होता है
 डायरी लिखने से आप के लेखन में सुधार होता है जो कि आपको भीड़ से अलग करता है। यानी भाषा में आपकी पकड़ मजबूत होती है। अच्छे शब्द भी जहन में आते हैं।
नये आईडिया आते हैं 
इंसान दिन भर में बहुत कुछ सोचता है लेकिन उन विचारों को गति दे नहीं पाता, अगर आप अपने विचारों को रोज डायरी में लिखेंगे तो आप जरूर अपनी सोच और विचार को आकार दे पायेंगे।
अनुभवों से बदलती है सोच और तस्वीर 
 डायरी में आप दूसरे लोगों के अनुभव भी लिखें जिससे कि आपके अंदर दूसरों के अनुभवों से भी सीखने की आदत डेवलप होगी जो कि सफलता का मूल मंत्र हैं।

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